
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया पूरी कर दी है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने 3 नवंबर 2025 के प्रस्ताव के माध्यम से आयोग का गठन किया था। आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है। इस लिहाज से आयोग की रिपोर्ट मई 2027 तक आने की संभावना है।करीब 70 लाख लोग हो सकते हैं प्रभावितसरकार के अनुमान के अनुसार, 1 मार्च 2026 तक केंद्र सरकार के करीब 35.77 लाख सिविलियन कर्मचारी सेवा में थे। वहीं 31 दिसंबर 2025 तक लगभग 33.76 लाख पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी थे। इन आंकड़ों में रक्षा विभाग के पेंशनभोगी शामिल नहीं हैं। इस तरह करीब 70 लाख कर्मचारी और पेंशनभोगी आयोग की सिफारिशों से प्रभावित हो सकते हैं।वेतन, भत्ते और पेंशन की होगी समीक्षा8वें वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे में संशोधन, महंगाई भत्ता, अन्य भत्ते, पेंशन, पारिवारिक पेंशन और सेवा शर्तों की समीक्षा शामिल है। आयोग इन सभी पहलुओं पर विचार कर केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें देगा।आयोग के अध्यक्ष और सदस्यसरकार ने जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। आयोग में प्रो. पुलक घोष सदस्य (पार्ट-टाइम) और पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं।लागू होने की तारीख अभी तय नहींसरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को संशोधित वेतन व पेंशन का लाभ किस तारीख से मिलेगा। सरकार का कहना है कि आयोग ने अभी तक अपनी सिफारिशें प्रस्तुत नहीं की हैं। इसलिए संशोधित वेतन-पेंशन संरचना की प्रभावी तारीख पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर अब आयोग की रिपोर्ट पर है, क्योंकि वेतन, भत्तों और पेंशन में संभावित बदलाव का सीधा असर लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है।
