
शिमला, 18 जून। सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल, संजौली (शनान) की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस ने मामले में गिरफ्तार दोनों शूटरों को घटनास्थल पर ले जाकर वारदात का पुनर्निर्माण कराया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस ने आरोपियों से यह जानकारी जुटाई कि उन्होंने हत्या को कैसे अंजाम दिया, घटनास्थल तक कैसे पहुंचे और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए।
पुलिस के पास घटना की सीसीटीवी फुटेज पहले से मौजूद है, जिसकी गहन जांच की जा चुकी है। अब जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे छिपे मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
हरियाणा से गिरफ्तार हुए दोनों शूटर
पुलिस ने मामले में हरियाणा के झज्जर जिले के ग्राम दुजाना निवासी आशीष अहलावत (22) तथा रोहतक जिले के सुनारिया खुर्द निवासी दीपक (25) को गिरफ्तार किया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान दोनों आरोपी पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इसे देखते हुए पुलिस उनके बयानों का क्रॉस-वैरिफिकेशन कर रही है। जांच फिलहाल कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और आपसी रंजिश समेत विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही हत्या की इस गुत्थी से पर्दा उठाया जाएगा और मामले में शामिल सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
पति ने टिप्पणी करने से किया इनकार
मनीषा मित्तल की हत्या के बाद उनकी 17 वर्षीय बेटी ने पिता डॉ. सुभाष यादव के पास जाने से इनकार कर दिया है। इस संबंध में डॉ. सुभाष यादव ने मीडिया से कहा कि वह फिलहाल मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
बताया जा रहा है कि डॉ. सुभाष यादव और मनीषा मित्तल अलग-अलग रह रहे थे तथा मनीषा ने अदालत में भरण-पोषण (मेंटेनेंस) का दावा भी दायर किया हुआ था।
13 जून को हुई थी हत्या
गौरतलब है कि 13 जून को दो नकाबपोश शूटरों ने सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल के गेट पर मनीषा मित्तल को गोली मार दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की और बाद में दोनों आरोपियों को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार कर लिया।
