
हमीरपुर, 18 जून। अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के 23 वर्षीय युवक आदित्य शर्मा का आज उनके पैतृक गांव भालू में अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर का हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया जाएगा, क्योंकि परिजनों ने विदेश में पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया था।
पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए कुछ समय घर पर रखा जाएगा। आदित्य शर्मा अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। 9 जून को हुए अमेरिकी हमले में उनकी मृत्यु हो गई थी। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने में समय लगने के कारण उनका पार्थिव शरीर आठ दिन बाद भारत पहुंच सका।
मंगलवार को मुंबई से हवाई मार्ग के जरिए पार्थिव शरीर चंडीगढ़ लाया गया, जहां से सड़क मार्ग से हमीरपुर पहुंचाया गया। आदित्य के चाचा संजीव लखनपाल पार्थिव शरीर लेने के लिए चंडीगढ़ गए थे।
डेक कैडेट के रूप में कर रहे थे नौकरी
आदित्य शर्मा विश्व मेरीटाइम एनर्जी लिमिटेड के तेल टैंकर ‘एमटी सेंटेबेलो’ पर डेक कैडेट के रूप में कार्यरत थे। यह उनकी पहली नौकरी थी और वह जल्द ही छुट्टी पर घर आने वाले थे। परिवार उनके आगमन की तैयारियों में जुटा था, लेकिन इससे पहले ही यह दुखद घटना घट गई।
21 भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित
जानकारी के अनुसार अमेरिकी हमले में आदित्य सहित तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई, जबकि जहाज पर मौजूद 21 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।
इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आदित्य शर्मा हमीरपुर जिले की पंचायत हटेटा के गांव भालू के निवासी थे। उनके पिता पंजाब के जालंधर में व्यवसाय करते हैं। आदित्य ने अपनी स्कूली शिक्षा जालंधर से पूरी की। इसके बाद उन्होंने चेन्नई से मर्चेंट नेवी का कोर्स किया और स्कॉटलैंड से नौटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। 24 नवंबर 2025 को उन्हें मर्चेंट नेवी में पहली नियुक्ति मिली थी।
युवा बेटे की असमय मृत्यु से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
