
नई दिल्ली: अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाए गए दोषसिद्धि के फैसले को बरकरार रखते हुए राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को शिकायतकर्ता कंपनी को बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
कंपनी के वकील के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया। राधा यादव भी इस मामले में सह-अभियुक्त हैं और उन्हें भी भुगतान करने का आदेश दिया गया है।
मामला वर्ष 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता, पता, लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और निवेश डूब जाने के कारण वह निर्धारित समय पर कर्ज़ नहीं चुका सके।
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, राजपाल यादव ने कई बार भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन वह अपने वादे पूरे नहीं कर पाए। इस दौरान अदालत की ओर से जारी आदेशों का भी समय पर पालन नहीं किया गया।
बाद में राजपाल यादव ने कंपनी को सात चेक जारी किए, जो बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर बाउंस हो गए। इसके बाद कंपनी ने उनके खिलाफ चेक बाउंस का मामला दर्ज कराया। अब हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए शिकायतकर्ता को भुगतान करने का आदेश दिया है।
