
शिमला, 20 जून। नशीली दवाओं की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए राज्यों ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और अंतरराज्यीय ड्रग सचिवालय के माध्यम से संयुक्त एवं रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा करने तथा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का संकल्प लिया। यह निर्णय उत्तर क्षेत्रीय परिषद की बैठक में लिया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में अंतरराज्यीय साइबर अपराधों की जांच को अधिक प्रभावी बनाने के लिए साइबर अपराध नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का प्रस्ताव भी रखा गया। यह एजेंडा पंजाब सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिस पर सदस्य राज्यों ने विस्तृत चर्चा की।
बैठक में दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी, मुख्य सचिव तथा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल हुए।
आज होगा बैठक का समापन
दो दिवसीय बैठक में 34 नए और 66 लंबित एजेंडों पर चर्चा की गई। बैठक का समापन 20 जून को होगा, जिसमें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu भी भाग लेंगे।
वायु प्रदूषण और जल विवादों पर भी चर्चा
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध का मुद्दा उठाया। वहीं, ताजेवाला से राजस्थान को यमुना जल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा पाइपलाइन परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर भी विचार-विमर्श हुआ।
भाखड़ा और पौंग बांधों की सुरक्षा की समीक्षा
बैठक में Bhakra Dam और Pong Dam की सुरक्षा, बाढ़ नियंत्रण और जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए डिजिटल एलिवेशन मॉडलिंग अध्ययन तथा जलाशयों से गाद निकालने की रणनीति की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर परियोजना और जल बंटवारे से जुड़े विवादों पर भी चर्चा हुई।
शिमला में एनसीबी जोनल यूनिट खोलने की मांग
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में बढ़ती नशा तस्करी और मादक पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शिमला में एनसीबी की स्वतंत्र जोनल यूनिट स्थापित करने की मांग उठाई। सरकार का मानना है कि इससे ड्रग नेटवर्क पर निगरानी और कार्रवाई को और मजबूती मिलेगी।
हिम परिवार परियोजना की सराहना
बैठक में हिमाचल की हिम परिवार परियोजना की विशेष सराहना की गई। इस परियोजना के तहत राज्य के नागरिकों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। साथ ही राज्य की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए सुधारात्मक कदमों और राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के मॉडल की भी अन्य राज्यों के समक्ष प्रस्तुति दी गई।
