
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी CJP (कांक्रोच जनता पार्टी) के छात्र आंदोलन का असर अब राजधानी से बाहर भी दिखाई देने लगा है। आंदोलन के चलते सुरक्षा कारणों से दिल्ली के 16 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद किया गया।
मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि दोपहर तक मेट्रो स्टेशन नहीं खोले गए तो वह हस्तक्षेप करेगा। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के निर्देश दिए।
आंदोलन में शामिल छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक, बेरोज़गारी और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा और इसे केवल परीक्षा या पेपर लीक का मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की लड़ाई बताया।
इस बीच, विपक्षी दलों ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। संसद में NEET और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जबकि विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।
