
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने ट्रेनी और जॉब ट्रेनी के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए उन्हें 15 दिन का पितृत्व अवकाश (पैटर्निटी लीव) देने का प्रावधान किया है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जिन पुरुष ट्रेनी और जॉब ट्रेनी के दो से कम जीवित बच्चे हैं, वे पत्नी के प्रसव के अवसर पर 15 दिन के पितृत्व अवकाश के पात्र होंगे। यह अवकाश बच्चे के जन्म से 15 दिन पहले अथवा जन्म के छह माह के भीतर किसी भी समय लिया जा सकेगा।
सरकार ने यह निर्णय ट्रेनी और जॉब ट्रेनी योजनाओं के तहत नियुक्त युवाओं की सेवा शर्तों को अधिक व्यावहारिक और कर्मचारी हितैषी बनाने के उद्देश्य से लिया है। मई और जुलाई 2025 में लागू योजनाओं की समीक्षा के दौरान सामने आई व्यावहारिक समस्याओं के आधार पर यह फैसला किया गया।
अधिसूचना में जॉइनिंग अवधि बढ़ाने के संबंध में भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यदि अधिकृत भर्ती एजेंसियों द्वारा चयनित ट्रेनी या जॉब ट्रेनी विशेष परिस्थितियों में समय पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाते हैं, तो उनके अनुरोध पर 9 सितंबर 2016 के सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार विचार किया जाएगा। कार्मिक विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों तथा नियुक्ति प्राधिकारियों को इन प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) आरक्षण नियमों में भी संशोधन किया है। अब जॉब ट्रेनी के परिवारों को भी ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए अपात्र माना जाएगा। वहीं, स्वतंत्रता सेनानी आश्रित आरक्षण के दायरे का विस्तार करते हुए विवाहित बेटियों और विवाहित पोतियों को भी सरकारी नौकरियों में दो प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने का प्रावधान किया गया है। इससे पहले वर्ष 2001 के निर्देशों के तहत उन्हें यह सुविधा प्राप्त नहीं थी।
