भारत आस्था और आध्यात्मिकता का देश है। यहां स्थित हजारों मंदिरों में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। भक्त भगवान के दर्शन के साथ प्रसाद भी अर्पित करते हैं और उसे आशीर्वाद स्वरूप अपने घर ले जाते हैं। हालांकि, देश में कुछ ऐसे रहस्यमयी और प्राचीन मंदिर भी हैं, जहां चढ़ाया गया प्रसाद घर ले जाना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वर्जित माना जाता है।
राजस्थान के में भगवान हनुमान के बालाजी स्वरूप की पूजा होती है। यहां भक्त बूंदी के लड्डू का प्रसाद अर्पित करते हैं। मान्यता है कि मंदिर में चढ़ाया गया प्रसाद घर नहीं ले जाना चाहिए। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि ऐसा करना अशुभ माना जाता है और इससे नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
वहीं, देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां देवी की शक्ति स्वरूप पूजा की जाती है। मंदिर से जुड़ी परंपराओं में देवी के वार्षिक रजस्वला पर्व का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता भी प्रचलित है कि इस मंदिर की कुछ तांत्रिक परंपराएं अत्यंत गोपनीय हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां का प्रसाद भी घर ले जाने की बजाय मंदिर परिसर में ही ग्रहण करना शुभ माना जाता है।
नोट: ये सभी बातें धार्मिक मान्यताओं और स्थानीय परंपराओं पर आधारित हैं। इनका वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
