रोहड़ू। चंडीगढ़ में 13 जून को एक केमिस्ट की दुकान के कैशियर जनकीदास की हत्या के लगभग एक महीने बाद उनकी पत्नी ईना देवी पहली बार कैमरे के सामने आईं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि आज भी उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उनके पति की हत्या क्यों की गई।
ईना देवी ने कहा कि जनकीदास न तो कोई कारोबारी थे और न ही उनका किसी से कोई विवाद था। उन्होंने कहा, “मेरे पति को आखिर क्यों मारा गया? वह केवल 32 हजार रुपये महीने की नौकरी करते थे। उन्होंने कभी किसी से ऊंची आवाज में भी बात नहीं की और न ही किसी से उनकी दुश्मनी थी।”
हत्या से पहले हुई थी आखिरी बातचीत
ईना देवी ने बताया कि घटना वाले दिन दोपहर करीब 1:15 बजे उनकी अपने पति से आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई थी। उस समय वह हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू में सरपंच पद के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों में व्यस्त थीं। उन्होंने बताया कि जनकीदास पिछले 12 वर्षों से केमिस्ट की दुकानों पर कार्यरत थे। घटना वाले दिन वह दोपहर करीब एक बजे घर से ड्यूटी के लिए निकले थे। वह प्रतिदिन पैदल या बस से काम पर जाते थे और देर रात करीब 12 बजे घर लौटते थे।
आर्थिक संकट से जूझ रहा परिवार
ईना देवी ने कहा कि पति की मृत्यु के बाद परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। उनका आरोप है कि अब तक न तो सरकार की ओर से किसी प्रकार का मुआवजा मिला है और न ही जिस केमिस्ट की दुकान पर उनके पति कार्यरत थे, वहां की ओर से कोई आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
जनकीदास मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र के निवासी थे। उनकी पत्नी ईना देवी हाल ही में सरपंच निर्वाचित हुई हैं। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा आर्थिक सहायता की मांग की है।
