नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी दर्ज की गई है। कुछ समय तक नरमी के बाद गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 78.80 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता देखा गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक स्तर पर आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। खबरों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल तेज हुई है, जिसका असर तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।
यदि कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी लंबे समय तक बनी रहती है, तो भारत जैसे आयातक देशों में पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। साथ ही परिवहन लागत में वृद्धि के कारण महंगाई पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
