
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने लगभग 7,500 पदों को नियमित एवं आउटसोर्स आधार पर भरने को मंजूरी दी।
प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं:
वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में 3,950 चौकीदार और मल्टी टास्क वर्कर नियुक्त किए जाएंगे।
शिक्षा विभाग में 200 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी) के पद नियमित आधार पर भरे जाएंगे।
पंचायतों में 400 मल्टी टास्क वर्कर नियुक्त होंगे।
आयुर्वेद विभाग में 800 स्टाफ नर्सों की भर्ती होगी।
आशा वर्करों का मानदेय 1,000 रुपये बढ़ाकर 6,800 रुपये किया गया। वहीं नंबरदारों का मानदेय 5,000 रुपये कर दिया गया।
मेडिकल कॉलेजों में पीजी डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वृद्धि की गई।
800 पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की छूट दी गई।
चामियाना मेडिकल संस्थान में डायलिसिस तकनीशियन के 5 पद तथा टांडा मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2 पद स्वीकृत किए गए।
आईजीएमसी शिमला में बीएससी मेडिकल टेक्नोलॉजी (रेडिएशन/रेडियोथेरेपी) का नया कोर्स 30 सीटों के साथ शुरू होगा।
सरकारी स्कूलों में मुख्यमंत्री बाल पोषाहार योजना के तहत मिड-डे मील के साथ सप्ताह में दो दिन उबला अंडा या मौसमी फल दिया जाएगा।
मत्स्य, अग्निशमन, योजना तथा अन्य विभागों में भी नए पदों को मंजूरी दी गई।
राज्य में चार स्थायी लोक अदालतों के गठन को स्वीकृति मिली।
मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत इस वर्ष भी सेब की सरकारी खरीद जारी रहेगी।
इन फैसलों को राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
