शिमला, 20 जून। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश का लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) अब केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में बांधों और अन्य महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा परियोजनाओं के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। उन्होंने राज्यों के बीच समन्वित विकास योजना की आवश्यकता पर बल देते हुए साझा प्रयासों से क्षेत्रीय विकास को गति देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री शनिवार को शिमला के पीटरहॉफ में आयोजित नॉर्दर्न जोनल काउंसिल की बैठक के दूसरे दिन आयोजित अंतरराज्यीय संवाद सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई दुर्गम और दूरदराज क्षेत्रों में आज भी सड़क सुविधा नहीं पहुंच पाई है। ऐसे गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए राज्य सरकार विशेष नीति तैयार करेगी। इसके लिए आवश्यक बजटीय प्रावधान भी किए जाएंगे, ताकि विकास की मुख्यधारा से वंचित क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क संपर्क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक गांव को सड़क सुविधा से जोड़ना है। इसके लिए व्यापक योजना तैयार कर विशेष परियोजनाएं भी शुरू की जाएंगी।
इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नॉर्दर्न जोन के सभी राज्यों को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक समन्वित और व्यापक रणनीति तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्यों के समक्ष अनेक समान चुनौतियां हैं, जिनका समाधान साझा प्रयासों से अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग में आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाया जा रहा है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और गति बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग किया जाएगा। सड़कों, पुलों और अन्य आधारभूत परियोजनाओं में अत्याधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से लागत और समय दोनों की बचत होगी तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभाग तकनीकी रूप से स्वयं को सशक्त बना रहा है। साथ ही डिजिटल निगरानी प्रणाली को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे परियोजनाओं की प्रगति पर वास्तविक समय में नजर रखी जा सकेगी।
