हमीरपुर/शिमला।
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर द्वारा वर्ष 2022 में जारी 80 पोस्ट कोड की भर्तियों को चार साल बाद रद्द किए जाने से 3.41 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। राज्य सरकार ने इन भर्तियों के लिए आवेदन करने वाले 3,41,742 अभ्यर्थियों को कुल 4.27 करोड़ रुपये आवेदन शुल्क वापस करने का निर्णय लिया है। हालांकि अभ्यर्थियों का कहना है कि शुल्क वापसी से ज्यादा पीड़ा उन भर्तियों के रद्द होने की है, जिनका वे पिछले चार वर्षों से इंतजार कर रहे थे।
वर्ष 2022 में तत्कालीन कर्मचारी चयन आयोग ने 1,647 पदों के लिए विज्ञापन जारी किए थे। इनमें 1,423 पदों पर भर्ती के लिए 3,41,742 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। राज्य मंत्रिमंडल ने अब 80 पोस्ट कोड के इन 1,423 पदों के विज्ञापन वापस लेने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पुराने विज्ञापनों के आधार पर नियुक्ति की सभी संभावनाएं समाप्त हो गई हैं।
सरकार का कहना है कि भंग किए जा चुके कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती प्रक्रिया और वर्तमान हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की प्रणाली पूरी तरह अलग है। पहले भर्ती परीक्षाएं ओएमआर शीट के माध्यम से आयोजित होती थीं, जबकि अब चयन आयोग कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) प्रणाली के तहत भर्ती प्रक्रिया संचालित कर रहा है। इसी कारण पुराने विज्ञापनों को पूर्व शर्तों के साथ लागू करना संभव नहीं था।
पुरानी व्यवस्था के तहत सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से 360 रुपये तथा एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, आईआरडीपी और दिव्यांग वर्ग से 120 रुपये आवेदन शुल्क लिया जाता था, जबकि महिला अभ्यर्थियों और पूर्व सैनिकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। वर्तमान चयन आयोग में आवेदन शुल्क सामान्य वर्ग के लिए 400 रुपये और आरक्षित वर्ग के लिए 325 रुपये निर्धारित किया गया है।
रद्द की गई भर्तियों में शिक्षा विभाग के 467 जेबीटी, स्वास्थ्य विभाग के 162 ओटी असिस्टेंट, पुलिस विभाग के 28 सब-इंस्पेक्टर, दमकल विभाग के 79 फायरमैन, बिजली बोर्ड के 78 जूनियर इंजीनियर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के 42 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट, राज्य ऑडिट विभाग के 37 जूनियर ऑडिटर, आयुष विभाग के 41 फार्मासिस्ट तथा तकनीकी शिक्षा विभाग के 165 पद सहित विभिन्न विभागों की भर्तियां शामिल थीं।
