शिमला, 22 जून। हिमाचल प्रदेश में हाल ही में संपन्न पंचायती राज चुनावों में निर्विरोध चुनी गई 136 पंचायतों को राज्य सरकार प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी। इस संबंध में पंचायती राज विभाग ने 34 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेज दिया है। वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भेजा जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलते ही संबंधित पंचायतों को 25-25 लाख रुपये की राशि जारी कर दी जाएगी। यह धनराशि पंचायतों द्वारा विकास योजनाओं, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, पेयजल, स्वच्छता, सड़कों, सामुदायिक भवनों तथा अन्य जनहित के कार्यों पर खर्च की जा सकेगी।
पंचायत समिति और जिला परिषद के लिए भी प्रावधान
प्रदेश सरकार ने निर्विरोध निर्वाचन को बढ़ावा देने के लिए पंचायतों के लिए 25 लाख रुपये, पंचायत समिति के लिए 50 लाख रुपये तथा जिला परिषद के लिए एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया है। हालांकि इस बार प्रदेश में कोई भी पंचायत समिति अथवा जिला परिषद निर्विरोध निर्वाचित नहीं हुई है।
3754 पंचायतों में से केवल 136 बनीं निर्विरोध
प्रदेश की 3754 पंचायतों में प्रधान, उपप्रधान और वार्ड पंचों के चुनाव संपन्न हुए। इनमें केवल 136 पंचायतों में प्रधान, उपप्रधान और सभी वार्ड पंच निर्विरोध निर्वाचित हुए। सरकार का मानना है कि निर्विरोध चुनाव ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और लोकतांत्रिक सहमति को मजबूत करते हैं।
गौरतलब है कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने निर्विरोध निर्वाचित पंचायतों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया है। सरकार का कहना है कि इससे पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलने के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा मिलेगा।
वित्त विभाग द्वारा प्रस्ताव का परीक्षण किया जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद संबंधित पंचायतों को शीघ्र धनराशि जारी कर विकास कार्य शुरू करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
