
देश में सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जबकि निजी स्कूलों में नामांकन लगातार बढ़ा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2021 से 2023 के बीच सरकारी स्कूलों से करीब 86 लाख छात्रों की संख्या कम हुई है। इसके विपरीत निजी स्कूलों में दाखिले बढ़ने का सिलसिला जारी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में अभिभावक निजी स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं।
हालांकि, रिपोर्ट में कुछ सकारात्मक संकेत भी सामने आए हैं। देश में स्कूल छोड़ने (ड्रॉपआउट) की दर में कमी आई है और शिक्षकों की कुल संख्या पहली बार 1 करोड़ से अधिक हो गई है। शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के प्रयास जारी हैं।
