
लंदन। भारत और इंग्लैंड की महिला टीमों के बीच 10 जुलाई से ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट शुरू होने से पहले इंग्लैंड की स्टार बल्लेबाज Tammy Beaumont ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। 35 वर्षीय ब्यूमोंट का यह टेस्ट मैच उनके 17 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का अंतिम मुकाबला होगा। इसके बाद वह केवल घरेलू क्रिकेट खेलती रहेंगी।
ब्यूमोंट ने 2009 में इंग्लैंड के लिए पदार्पण किया था। शुरुआती दौर में उन्होंने विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में खेला, लेकिन बाद में बल्लेबाजी पर पूरा ध्यान केंद्रित करने के लिए विकेटकीपिंग छोड़ दी। यह फैसला उनके करियर के लिए बेहद सफल साबित हुआ और वह इंग्लैंड की सबसे भरोसेमंद शीर्ष क्रम की बल्लेबाजों में शामिल हो गईं। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने 260 मैच खेलते हुए 14 शतक लगाए, जिनमें 12 वनडे शतक शामिल हैं। वह इंग्लैंड महिला टीम के लिए वनडे में सबसे अधिक शतक लगाने वाली बल्लेबाज हैं।
ब्यूमोंट 2015 में इंग्लैंड महिला टीम को मिले पहले सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पाने वाले खिलाड़ियों के समूह का हिस्सा थीं। 2017 में घरेलू सरजमीं पर खेले गए आईसीसी महिला विश्व कप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए और इंग्लैंड को विश्व विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया था।
उनके करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में 2023 की एशेज सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में खेली गई 208 रन की ऐतिहासिक पारी शामिल है। वह महिला टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाली पहली इंग्लिश खिलाड़ी बनीं और यह किसी भी इंग्लिश महिला बल्लेबाज का सर्वोच्च टेस्ट स्कोर भी है।
संन्यास की घोषणा करते हुए ब्यूमोंट ने कहा कि लगभग 17 वर्षों तक इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि वह नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को यह जिम्मेदारी सौंपें। लॉर्ड्स में भारत के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का समापन करना उनके लिए बेहद भावुक और गर्व का क्षण होगा।
