
मंडी। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने मंडी में आयोजित द्रंग विधानसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया। सम्मेलन के दौरान 17 लोगों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करें। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों के लिए भाजपा को सुप्रीम कोर्ट तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी, जबकि राज्य सरकार ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया।
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत जनप्रतिनिधि भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के रूप में विजयी हुए हैं। उनके अनुसार पंचायत चुनावों के परिणाम कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनादेश हैं और प्रदेश की जनता भाजपा की पुनः सत्ता में वापसी का इंतजार कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने आपदा अधिनियम की आड़ लेकर पंचायत चुनाव टालने का प्रयास किया और चुनाव संपन्न होने के बाद भी करीब डेढ़ महीने तक निर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ नहीं दिलाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बहुमत खोने के डर से धनबल और सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अपने पक्ष में करने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
