
शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने लंबी दूरी और रात्रिकालीन बस सेवाओं के संचालन को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। नए आदेशों के अनुसार 150 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले सभी रूटों तथा सभी रात्रि बस सेवाओं में कंडक्टर बस की पहली (फ्रंट) सीट पर बैठेंगे।
एचआरटीसी के अनुसार यह निर्णय कंडक्टर की सुविधा, परिचालन दक्षता और यात्रा के दौरान सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि निगम ने स्पष्ट किया है कि कंडक्टर पहले सभी यात्रियों को टिकट जारी करेंगे, बस के आगे और पीछे के दरवाजे सुरक्षित रूप से बंद करवाएंगे तथा अपनी सभी निर्धारित जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद ही फ्रंट सीट पर बैठ सकेंगे।
ड्राइवर के मोबाइल उपयोग पर सख्त रोक
यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एचआरटीसी ने बस चलाते समय चालक के मोबाइल फोन के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। ड्यूटी के दौरान चालक न तो मोबाइल पर बात करेगा और न ही उसका उपयोग करेगा। चालक को अपना मोबाइल साइलेंट मोड पर रखना होगा। यदि किसी आवश्यक कॉल का जवाब देना हो तो मोबाइल कंडक्टर के पास रहेगा।
नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना
निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि 150 किलोमीटर से कम दूरी वाले दिन के रूटों पर यदि कोई कंडक्टर नियमों का उल्लंघन करते हुए बस की अगली सीट पर बैठा पाया जाता है, तो उसके खिलाफ 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
एचआरटीसी का मानना है कि इन नए नियमों से बस संचालन अधिक सुरक्षित, अनुशासित और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनेगा।
