
शिमला। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण बदलाव किया है। विभाग ने नियुक्ति के लिए पहले लागू 10 स्कूल विकल्प (ऑप्शन) की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब स्क्रीनिंग टेस्ट के बाद अंतिम नियुक्ति पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगी तथा स्टेशन आवंटन अभ्यर्थी की वरीयता (प्रेफरेंस) और मेरिट क्रम के अनुसार किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष कोहली ने इस संबंध में सीबीएसई सचिव को पत्र भेजकर नई प्रक्रिया से अवगत कराया है। इसके अनुसार स्क्रीनिंग टेस्ट का परिणाम घोषित होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद विषयवार मेरिट सूची तैयार होगी और अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग कर उनसे पसंदीदा स्कूलों की प्राथमिकताएं ली जाएंगी।
नई व्यवस्था में अंतिम स्टेशन आवंटन मेरिट क्रम और अभ्यर्थी द्वारा दी गई वरीयता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। शिक्षा बोर्ड मेरिट, श्रेणी, प्राप्तांक, दस्तावेज सत्यापन और स्कूल वरीयताओं सहित अभ्यर्थीवार पूरा डेटा शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराएगा, जिसके आधार पर नियुक्ति आदेश जारी होंगे। विभाग का मानना है कि इससे चयन और नियुक्ति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित बनेगी।
