
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह का जीवन प्रदेशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनके आदर्शों से सीख लेने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री मंगलवार को शिमला के रिज मैदान स्थित वीरभद्र सिंह की प्रतिमा पर उनकी 93वीं जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा की और राज्य के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी उनके अमूल्य योगदान को हमेशा याद रखेंगे।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह की जयंती केवल उन्हें याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके विकासवादी दृष्टिकोण, जनसेवा और लोककल्याण के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का भी दिन है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के रूप में वीरभद्र सिंह की सेवाएं सदैव स्मरणीय रहेंगी।
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि वीरभद्र सिंह फाउंडेशन के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को मेडिकल उपकरण, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, हियरिंग एड सहित अन्य सहायता सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कॉलेजों, स्कूलों, सड़कों और पेयजल योजनाओं के विकास में वीरभद्र सिंह का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने शिमला की सतलुज पेयजल परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2015 में शुरू की गई इस योजना का लाभ आज हजारों लोगों को मिल रहा है।
