
दांबुला। भारतीय अंडर-19 टीम के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका-ए के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। मात्र 15 वर्ष की आयु में वैभव ने खिताबी मुकाबले के दबाव को दरकिनार करते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाई।
वैभव ने महज 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिस्ट ए क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक लगाने का नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनकी इस अविश्वसनीय पारी ने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के साथ-साथ करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों को भी रोमांचित कर दिया।
गौरतलब है कि पिछले मुकाबले में सुपर ओवर के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला था। ऐसे में फाइनल मुकाबले में वैभव ने अपने बल्ले से जोरदार जवाब देते हुए शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए। उन्होंने चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
हालांकि, शतक के करीब पहुंचकर वैभव आउट हो गए, लेकिन तब तक वह अपना काम बखूबी कर चुके थे। उन्होंने केवल 29 गेंदों में 94 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे।
मुकाबले से पहले ही वैभव ने अपने इरादों के संकेत दे दिए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए शतक की ओर इशारा किया था। फाइनल में उनकी बल्लेबाजी को देखकर साफ प्रतीत हुआ कि पिछले मैच की घटनाओं ने उन्हें और अधिक प्रेरित किया। उनकी इस ऐतिहासिक पारी ने न केवल भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि युवा क्रिकेटर के रूप में उनकी प्रतिभा को भी एक बार फिर दुनिया के सामने साबित कर दिया।
