
शिमला, 1 अगस्त। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। शनिवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद विकास कार्यों और जनहित से जुड़ी अनेक संस्थाओं को बंद किया गया तथा इसके बाद भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो गया।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, विधायक सुधीर शर्मा, विधायक होशियार सिंह, विधायक आशीष शर्मा, पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी सहित कई नेताओं के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गईं अथवा जांच एजेंसियों के माध्यम से दबाव बनाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा से जुड़े अन्य नेताओं, उनके परिवारों और सहयोगियों को भी विभिन्न मामलों में परेशान किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पंचायत, नगर निकाय और जिला परिषद चुनावों में भाजपा को मिली सफलता के बाद सरकार ने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि जिला परिषद सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा नगर निकायों के निर्वाचित सदस्यों को नोटिस जारी कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अधिकारियों पर भाजपा नेताओं के विरुद्ध मामले तैयार करने का दबाव बनाया जा रहा है।
जयराम ठाकुर ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हत्या, गोलीबारी और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे मामलों में सरकार अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है, जबकि राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई में पूरा प्रशासनिक अमला सक्रिय है।
उन्होंने हार्मनी ऑफ पाइंस ऑर्केस्ट्रा विवाद का उल्लेख करते हुए महिला पुलिस कर्मियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर समय रहते कार्रवाई न होने का भी मुद्दा उठाया। साथ ही फोन टैपिंग और निगरानी से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
