
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की पढ़ने, लिखने और गणित की बुनियादी दक्षता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ‘अल्फा’ शिक्षण पद्धति को पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में राज्य सरकार और लखनऊ स्थित देवी संस्थान के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
शिमला में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की उपस्थिति में शिक्षा सचिव राकेश कंवर तथा देवी संस्थान की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनीता गांधी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा अभियान के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि अल्फा शिक्षण पद्धति का पहले शिमला और सोलन के कुछ विद्यालयों में पायलट आधार पर सफल परीक्षण किया गया था। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब इसे प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप यह पहल विद्यार्थियों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक क्षमता (FLN) को मजबूत करेगी। गतिविधि-आधारित शिक्षण से बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ेगी और प्रारंभिक कक्षाओं में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इस पहल से प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणाम बेहतर होंगे तथा भविष्य की शिक्षा के लिए मजबूत आधार तैयार होगा।
