
शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एसेन्शियल सर्विस मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) लागू किए जाने के बावजूद हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के ड्राइवर और कंडक्टर हड़ताल पर अड़े हुए हैं। यदि हड़ताल होती है तो आज रात 12 बजे से प्रदेशभर में HRTC की करीब 2800 बसों के पहिए थम सकते हैं।
बस सेवाएं प्रभावित होने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्कूली बच्चों, कर्मचारियों और अन्य यात्रियों की आवाजाही भी प्रभावित होगी।
हड़ताल के मद्देनजर सरकार ने 656 अस्थायी ड्राइवरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश के सभी क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) कार्यालयों में वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे और चयनित चालकों को 31 डिपो में तैनात किया जाएगा। सरकार ने अस्थायी चालकों को 1500 रुपये प्रतिदिन के मानदेय पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
इस बीच, सरकार ने कर्मचारियों को हड़ताल में शामिल न होने की चेतावनी देते हुए कहा है कि ESMA के तहत हड़ताल में भाग लेने या उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, HRTC ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने कहा कि कर्मचारी कोई अतिरिक्त मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने लंबित वित्तीय लाभों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार पर कर्मचारियों का 100 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, जिसमें नाइट ओवरटाइम, मेडिकल बिल और डीए शामिल हैं।
यदि हड़ताल होती है, तो हिमाचल के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए संचालित बस सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
