
नई दिल्ली, 20 जून। केंद्र सरकार ग्रामीण भारत के समग्र विकास के लिए विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी एक्ट लागू करने की तैयारी कर रही है। इस नई पहल का उद्देश्य केवल ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।
योजना के तहत रोजगार सृजन को आजीविका संवर्धन, ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जोड़ा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और गांवों में स्थायी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
100 से अधिक अधिकारी करेंगे निगरानी
मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार 100 से अधिक एरिया अधिकारियों को विभिन्न राज्यों और जिलों में तैनात करेगी। ये अधिकारी राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर योजना को धरातल पर उतारने का कार्य करेंगे।
केवल मजदूरी नहीं, आजीविका पर रहेगा फोकस
योजना के अंतर्गत रोजगार को केवल दिहाड़ी मजदूरी तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसके माध्यम से ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी जो ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण करें तथा लंबे समय तक लोगों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायक बनें।
क्लाइमेट-स्मार्ट गांवों के निर्माण पर जोर
वीबी-जी राम जी एक्ट में पर्यावरण संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया है। जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य ऐसे गांव विकसित करना है जहां विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकें।
जीआईएस तकनीक से बनेगी विकास योजना
ग्रामीण विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित योजना निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से गांवों की आवश्यकताओं का आकलन कर सड़क, पेयजल, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
27 राज्यों ने शुरू की तैयारी
केंद्र सरकार के अनुसार, योजना को लागू करने के लिए 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने बजटीय एवं प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कई राज्यों ने संबंधित योजनाओं को अधिसूचित कर दिया है, जबकि अन्य राज्यों में प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
