शिमला । शिक्षा विभाग ने जिन स्कूलों का दर्जा हाल ही में घटाया है, उनमें कार्यरत शिक्षकों के तबादले के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इन शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर उन स्कूलों में भेजा जाएगा जहां शिक्षक नहीं हैं। ऐसे स्कूलों की संख्या लगभग 90 है। इसके अलावा 450 से अधिक उच्च और माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं जहां केवल एक शिक्षक कार्यरत है; इन स्कूलों को तबादले की प्राथमिकता दी जाएगी।
28 स्कूलों का दर्जा घटा—विद्यार्थियों की संख्या 5 से कम l
हाल ही में विभाग ने 28 वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च विद्यालयों का दर्जा कम किया था।
12 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को उच्च विद्यालय बनाया गया। 16 राजकीय उच्च विद्यालयों को मिडिल स्कूल (माध्यमिक पाठशाला) में बदला गया सरकार ने यह निर्णय उन स्कूलों में 5 से कम विद्यार्थियों के नामांकन के कारण लिया है।
एसएमसी और जन प्रतिनिधियों का दबाव—विभाग का निर्णय यथावत—
स्कूलों को बंद या मर्ज न करने को लेकर एसएमसी और स्थानीय जन प्रतिनिधियों की ओर से विभाग को लगातार आग्रह मिल रहे थे। राजनीतिक दबाव भी बनाए जा रहे थे। बावजूद इसके विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल अत्यावश्यक स्थिति में ही किसी स्कूल से जुड़े निर्णय पर पुनर्विचार होगा।
कुछ मामलों में कोर्ट ने रोक लगाई है, जिनमें विभाग न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा।
प्रदेश में स्कूलों की वर्तमान स्थिति— रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 17,730 स्कूल हैं, जिनमें 14,725 सरकारी हैं। हिमाचल में अब कोई भी स्कूल शून्य नामांकन वाला नहीं है। फिर भी प्रदेश के 2,964 स्कूल अब भी सिंगल टीचर सिस्टम पर चल रहे हैं, जहां कुल 46,329 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें अधिकतर प्राइमरी स्कूल शामिल हैं।
भवन, रिकॉर्ड और स्टाफ ट्रांसफर पर अलग निर्देश—
शिक्षा विभाग के अनुसार स्टाफ, रिकॉर्ड, पदों, भवनों और भूमि से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द अलग से जारी किए जाएंगे। पिछले पौने तीन वर्षों में प्रदेश में 1,353 स्कूल कम विद्यार्थी संख्या के कारण बंद या मर्ज किए जा चुके हैं।
