कौरवी कांग्रेस का होगा अंत : राकेश जमवाल भाजपा प्रवक्ता ने कहा— पांडव कभी कलयुगी नहीं हो सकते, सनातन विरोधी सोच वाली कांग्रेस ही ऐसा कह सकती है
शिमला। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा भाजपा को ‘कलयुगी पांडव’ कहे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस बयान को धर्म और आस्था का अपमान बताते हुए कहा कि पांडव धर्म, सत्य और राष्ट्रनिष्ठा के प्रतीक हैं, इसलिए उन्हें कलयुगी कहना कांग्रेस की सनातन-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
जमवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस समय भ्रमित और घबराई हुई है। सत्ता का आधार कमजोर हो रहा है, जनता का विश्वास टूट रहा है और विकास के नाम पर केवल दावे किए जा रहे हैं। इसी बौखलाहट में मुख्यमंत्री ऐसे बयान दे रहे हैं जो न केवल धार्मिक आस्था का मजाक उड़ाते हैं बल्कि हिमाचल की सांस्कृतिक संवेदनाओं को भी आहत करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब ‘कौरवों की कांग्रेस’ बन चुकी है— सत्ता-लोलुप, धर्म से विमुख और सत्य से दूर।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्वयं यह कहा था कि उनकी सरकार 97 प्रतिशत हिंदू आबादी को हराकर बनी है। यह बयान उस मानसिकता को उजागर करता है जो समाज को धर्म के आधार पर बांटती है। राममंदिर निर्माण का विरोध करने वाली, रामसेतु पर प्रश्न उठाने वाली और अब पांडवों को कलयुगी बताने वाली कांग्रेस हमेशा से ही सनातन परंपरा के विरुद्ध खड़ी रही है।
जमवाल ने कहा कि जब-जब कांग्रेस को जनसमर्थन में कमी दिखती है, वह हिंदू धर्म और सनातन आस्था पर प्रहार करना शुरू कर देती है। कांग्रेस नेताओं के वक्तव्य बार-बार साबित करते हैं कि वे भारत की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक आत्मा को समझ नहीं पाए हैं। सुक्खू सरकार उसी सोच का विस्तार है जो धर्मनिष्ठ जनता को नीचा दिखाने का प्रयास करती है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता आस्था और संस्कृति से गहराई से जुड़ी है और ऐसे बयान कभी स्वीकार नहीं करेगी। कांग्रेस सरकार अपने अंत की ओर बढ़ रही है, क्योंकि धर्म के विरुद्ध खड़ी शक्ति का पतन निश्चित होता है। जमवाल ने कहा कि आने वाले समय में जनता स्वयं कौरवी कांग्रेस का अंत करेगी और भाजपा के कार्यकर्ता सत्य-धर्म के मार्ग पर चलते हुए अधर्म के अंधकार को समाप्त करेंगे।
अंत में उन्होंने कहा कि हिमाचल की भूमि धर्म और संस्कृति की जननी है। मुख्यमंत्री को यह याद रखना चाहिए कि जो पांडवों को कलयुगी कहने की भूल करता है, इतिहास में उसका उल्लेख अधर्म और पराजय के प्रतीक के रूप में ही होता है।
कौरवी कांग्रेस का होगा अंत : राकेश जमवालभाजपा प्रवक्ता ने कहा— पांडव कभी कलयुगी नहीं हो सकते, सनातन विरोधी सोच वाली कांग्रेस ही ऐसा कह सकती है
About the Author
Post Views: 8
