रामपुर (शिमला), 11 नवंबर।
भारत–तिब्बत व्यापारिक संबंधों की ऐतिहासिक धरोहर अंतरराष्ट्रीय लवी मेला सोमवार को विधिवत शुरू हो गया। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने रामपुर बुशहर में आयोजित चार दिवसीय मेले का शुभारंभ किया। 11 से 14 नवंबर तक चलने वाले इस मेले में देशभर से व्यापारी पारंपरिक उत्पादों, ऊनी वस्त्रों और स्थानीय हस्तशिल्प के बड़े स्टॉल लगा रहे हैं।
उद्घाटन समारोह में राज्यपाल ने बढ़ते सिंथेटिक नशे और पर्यावरण संकट पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संगठित षड्यंत्र के तहत युवाओं को नशे की लत में धकेला जा रहा है, विशेषकर हिमाचल और सीमांत राज्यों में यह समस्या तेजी से फैल रही है।
राज्यपाल ने कहा—“पहाड़ों में पारंपरिक नशे की समस्या पहले भी थी, लेकिन वह जानलेवा नहीं थी। आज का सिंथेटिक ड्रग युवाओं का भविष्य निगल रहा है। आने वाला समय बेहद चिंताजनक है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।
राज्यपाल शुक्ला ने लवी मेले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मेला सदियों से भारत–तिब्बत मैत्री और व्यापार का प्रतीक रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत–तिब्बत व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए वह स्वयं प्रधानमंत्री से चर्चा कर चुके हैं और इस दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं।
दिल्ली में हाल ही में हुए कार ब्लास्ट पर दुख व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार गृह मंत्री के नेतृत्व में तेजी से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि मामले में कुछ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और दोषियों को कठोर सजा दी जाएगी।
