नए शैक्षणिक सत्र से हिमाचल के 100 सरकारी स्कूल होंगे सीबीएसई से संबद्ध, निजी स्कूलों जैसी वर्दी और नया लुक
शिमला। हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य के 100 सरकारी स्कूलों को आगामी शैक्षणिक सत्र से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध किया जाएगा। ये स्कूल मूलभूत सुविधाओं, भवनों के स्वरूप और वर्दी के मामले में प्रदेश के नामी निजी स्कूलों को भी टक्कर देंगे।
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है। प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग ने वर्दी के लिए छह अलग-अलग रंगों का विकल्प सुझाया है।
निजी स्कूलों की तर्ज पर छात्रों के लिए पैंट, शर्ट, कोट और टाई निर्धारित की जाएगी, जबकि छात्राओं के लिए स्कर्ट, शर्ट, कोट और टाई का प्रावधान होगा। हर स्कूल में दो अलग-अलग वर्दियां लागू करने का प्रस्ताव है। बताया जा रहा है कि यह वर्दी प्रदेश के प्रतिष्ठित निजी स्कूलों की तर्ज पर डिजाइन की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य है कि सीबीएसई से संबद्ध होने वाले सरकारी स्कूल न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता में बल्कि बाहरी स्वरूप में भी निजी स्कूलों से बेहतर दिखाई दें। इसके तहत स्कूल भवनों के बाहरी रंग में बदलाव किया जाएगा। हालांकि, कक्षाओं के भीतर की दीवारों में कोई परिवर्तन नहीं होगा। मुख्य गेट और कैंपस की सामने की दीवारों को नया और आकर्षक रूप दिया जाएगा।
वर्दी और किताबें रहेंगी निशुल्क
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन श्रेणियों के विद्यार्थियों को अभी निशुल्क वर्दी और किताबें दी जाती हैं, उन्हें इन सीबीएसई स्कूलों में भी यह सुविधा पूर्ववत मिलती रहेगी। सरकार का कहना है कि केवल बोर्ड बदला जा रहा है, विद्यार्थियों के हित में चलाई जा रही सभी योजनाएं पहले की तरह जारी रहेंगी और उनमें कोई कटौती नहीं होगी
